चालाक गीदड़ की कहानी | Chalak Gidad Kids Story In Hindi | Kids Story In Hindi

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दोस्तों आज किस पोस्ट के माध्यम से मैं आपको एक नई कहानी देने जा रहा हूं जिसको पढ़ कर दोस्तों आपको काफी अच्छा लगेगा आपको कुछ नॉलेज भी मिलेगी। दोस्तों की कहानी का नाम है चालाक गीदड़

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चालाक गीदड़

चालाक गीदड़ की कहानी | Chalak Gidad Kids Story In Hindi | Kids Story In Hindi
चालाक गीदड़ की कहानी | Chalak Gidad Kids Story In Hindi | Kids Story In Hindi


बहुत समय पहले की बात है जब किसी दूर घने जंगल में एक बुड्ढा से रहा करता था। मैं काफी बुड्ढा हो गया था जिस वजह से उसे अपने शिकार करने में दौड़ने में साथ ही साथ अपना कुछ भी काम करने में प्रॉब्लम होती थी। अब उसके लिए शिकार पकड़ना भी काफी कठिन हो गया था। खाना नहीं खाने की वजह से वह दुबला होता जा रहा था और भी दुबला होता ही जा रहा था वह अपनी गुफा के सामने ही बैठा रहा करता था।


जब एक दिन उसकी गुफा के नजदीक से होते हुए एक गीदड़ वहां से गुजर रहा था तब की दरों से कहता है कि अरे राजा साहब क्या बात हो गई है आप कुछ परेशान से दिखाई दे रही हो गीदड़ काफी जवान था और तंदुरुस्त भी था इस वजह से शेर के मुंह में उसे देखकर पानी आ गया। मैं गीदड़ को खाने का चाहता था। गीदड़ काफी चालाक था। वह शेर से काफी दूरी पर जाकर खड़ा था क्योंकि वह सोचता है कि अगर शेर उसे खाने के लिए भी आता है तो वह वहां से भाग जाएगा क्योंकि यह बुड्ढा शेर है यह मुझे नहीं पकड़ पाएगा और मैं अपनी जान बचाकर भाग जाऊंगा।


गीदड़ की बात सुनकर शेर बोलता है कि ओ मेरे गीदड़ भैया बुड्ढा होने के कारण मैं चल फिर भी नहीं सकता हूं और ना ही कुछ मैं ठीक से सुन पाता हूं जरा पास आकर कहो क्या कहना चाहते हो ?

गीदड़ भी कम चालाक नहीं था।व शेर से और दूर हट गया और धीरे से बोला चुप मूर्ख क्या बकबक करता है। यह सुनते हुए ही शेर को क्रोध आ गया और वह क्रोध से भर गया और उसने कहा कि मुझे मूरत कहता है तेरी इतनी हिम्मत ?


गीदड़ हंसता हुआ बोलता है कि महाराज मैं यही देखना चाहता था कि क्या आप सचमुच सुन नहीं पाते हो ?

यह कहकर गीदड़ वहां से भाग गया और फिर अपना उदास सा मुंह करके वापस वहीं पर बैठ गया।

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