जादुई हाथ गाड़ी | Kids Story | Jadui Hath Gadi Kids Story In Hindi

नमस्कार दोस्तों स्वागत आपका हमारे ब्लॉग mymirchistatus.xyz दोस्तों मैं आज की ब्लॉग की नई पोस्ट के माध्यम से आप एक नई और मजेदार कहानी आपको इस पोस्ट में पड़नेको मिलेगी जिसको आप पढ़ कर बहुत ही आसानी से मजे ले सकते हो। और साथ उसको पढ़ने पर आपको ज्ञान भी मिलेगा तो दोस्तों उस कहानी का नाम है जादुई हाथ गाड़ी 

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जादुई हाथ गाड़ी

जादुई हाथ गाड़ी | Kids Story | Jadui Hath Gadi Kids Story In Hindi
जादुई हाथ गाड़ी | Kids Story | Jadui Hath Gadi Kids Story In Hindi



शहर से दूर मीनापुर नाम का एक गांव था जिसमें लालू नाम का एक आदमी रहता था। लालू के साथ उसकी पत्नी तथा उसके एक बेटा और एक बेटी चारों एक साथ रहते थे। लालू ने अपने खेत में आलू की फसल उगा रखी थी लालू अपने खेत से आलू की फसल को काटकर अपने घर पर ले आया।जब लालू अपने घर पर अपने पूरे परिवार के साथ था तब वहां पर एक बुड्ढी औरत आई और लालू के घर पर आई तब बूढ़ी औरत ने कहा कि बेटा कुछ खाने के लिए लेकर आओ तब लालू ने कहा कि बेटा तुम जाकर उसे बुड्ढी औरत को खाने के लिए कुछ दिया हो और खाने को देने के बाद में मैं बूढ़ी औरत वहां से चल जाती है। फिर लालू उस फसल को ठेकेदार के यहां बेचने के लिए जा रहा हैं। जाने से पहले उसकी बेटी ने कहा कि पापा आप मेरे लिए लहंगा चुन्नी लेते आना और उसके बेटे ने कहा कि पापा आप मेरे लिए सफेद  रसगुल्ले लेकर आना हम मिलकर खाएंगे तब लालू ने कहा ठीक है बेटा लेता आऊंगा तब उसकी पत्नी और उसके दोनों बच्चे उसको बाय कहते हैं और लालू की उनको बाय कहकर ठेकेदार की दुकान की ओर चला जाता है। 


जब लालू ठेकेदार की दुकान पर पहुंचता है तब लालू ठेकेदार को कहता है कि ठेकेदार साहब मेरे पास 10 क्विंटल आलू है तो आप मुझे इसके कितने रुपए दे सकते हो तब ठेकेदार ने कहा कि मैं इसका तुम्हें ₹10000 ही दे सकता हूं लालू ने कहा कि ठेकेदार साहब यह तो बहुत कम है कि की फसल इतनी ज्यादा है और आप मुझे इतने कम पैसे दे रहे हो। ठेकेदार बहुत ही चालाक आदमी था वह गांव के सभी मजदूरों से फसल कम दाम में खरीद लेता था और शहर में जाकर उसको अच्छे दाम में बेच देता था जिससे उसको अधिक मुनाफा होता था इस वजह से वह सभी गांव वालों की फसल को बहुत ही सस्ते दाम पर लेता था। तब लालू ने ठेकेदार से कहा कि साहब यह तो आप बहुत ही कम रुपए दे रहे हो। ठेकेदार ने कहा कि अगर तुम्हें देना है तो दे दो मेरे पास वैसे टाइम नहीं है अगर नहीं देना है तो तुम जा सकते हो तब लालू आपने आलू की फसल को वापस लेकर अपने घर पर आ गया तब लालू की पत्नी ने पूछा कि आप यह सारा सामान अपनी फसल को वापस भी लेकर आ गए हैं बेचा क्यों नहीं तब लालू ने कहा कि ठेकेदार इसके बहुत कम रुपए दे रहा था तब उसके पत्नी ने कहा कि जितने भी रुपए दे रहा था वह बेच कर आ जाते आप तब लालू ने कहा कि मैं इतना सस्ते रुपए में नहीं बेचूंगा लालू ने कहा मैं अब अपनी हाथ गाड़ी बना लूंगा और शहर में जाकर बेच के आऊंगा।तब लालू के दोनों बच्चे बोलते हैं कि पापा यह हाथ गाड़ी क्या होती है।


अब लालू कहता है कि तुम्हारी स्कूल के सामने जब सब्जी की रेडी लगी होती है उसे ही हाथ गाड़ी कहते हैं लालू अपनी बीवी का मंगलसूत्र बेचकर लकड़ी की तख्ती और 4 टायर ले आया उससे उसने कुछ ही दिनों में अपनी हाथ गाड़ी बना ली यह सब बात ठेकेदार के आदमी को पता चल गया और उसने ठेकेदार को जाकर बता दिया कि लालू अपने घर पर हाथ गाड़ी बना रहा है और उसको बनाने के बाद में मैं शहर में जाकर अपने आलू को बेचकर आएगा तो ठेकेदार ने कहा कि ऐसा करने पर हमारा सारा धंधा चौपट हो जाएगा क्योंकि आज तो लालू ही गया है क्योंकि अगर आज लालू बेच कर आ जाएगा तो फिर बाद में वह भी बता देगा कि ठेकेदार में को लूट रहा है तुम भी शहर में जाकर भी चलो इस वजह से पूरे गांव वाले भी शहर में जाकर अपनी फसल को बेचने लग जाएंगे और ठेकेदार का धंधा चौपट हो जाएगा। अब ठेकेदार ने कहा कि लालू का कुछ ना कुछ तो करना ही पड़ेगा ठेकेदार के नौकर ने कहा कि लालू कल जा रहा है आलू बेचने शहर तो ठेकेदार ने कहा कि हम अपनी गाड़ी से उसका पीछा करेंगे और उसको शहर जाने ही नहीं देंगे।

अगले दिन जब सुबह लालू अपने हाथ गाड़ी पर अपने आलू की फसल को रखकर शहर ले जाने के लिए प्रस्थान होता उसकी पत्नी ने कहा कि यदि संभल के जाइएगा और उसके बच्चों ने कहा कि पापा आप सफेद रसगुल्ले लेते आना आते टाइम तब लालू ने कहा कि ठीक है बेटा तब डाल दूं कि दोनों बच्चों और उसकी पत्नी ने लालू को बाय किया और लालू ने भी उन्हें बाय किया। दलाल अपने घर से निकल चुका था तब ठेकेदार भी अपनी गाड़ी से अपने नौकर के साथ लालू का पीछा करने लग गया जब लालू सुनसान रास्ते पर पहुंच गया था बीच में तब ठेकेदार ने अपनी गाड़ी से उतर कर पीछे से डाल दूं को बोरी में डाल दिया और उस गोरी को बांध दिया बांधने के बाद में लालू को ठेकेदार और उसके नौकर ने लकड़ी से वह तुम्हारा और साथ ही साथ उसकी आलू की फसल को भी जला दिया और उसे हाथ गाड़ी को भी जला दिया तब लालू बहुत ज्यादा चिल्ला रहा था ठेकेदार और उसका नौकर चले गए वहां से और लालू चिल्लाता ही जा रहा था सुबह से शाम हो गई तब उधर से एक बुड्ढी औरत गुजर रही थी खोला और खोलने के बाद में लालू को बाहर निकाला लालू ने जैसे ही अपनी हाथी को सामने देखा तो उसने अपनी फसल को जला हुआ पाया तो लालू रोने लगा बुड्ढी औरत ने कहा कि तुम ऐसे क्यों रो रही हो बदल गई औरत ने कहा कि ईश्वर जो करता है अच्छा ही करता है अपने घर जाओ और तुमने अभी एक ही तो अपने हाथ में रखी थी बाकी फसल तुम्हारे पास आ जाओ घर पर इतना कहकर वह बूढ़ी औरत गायब हो जाती है लालू भी देखता है कि वह बूढ़ी औरत अर्चना से कहां चली जाती है तब लालू अपने घर की ओर चलने लग जाता है और घर पर चलकर में देखता है कि उसकी हाथ गाड़ी है एकदम सही है ना ही कहीं से जली हुई है और उसके दोनों बच्चे हाथ काटी पर बैठे हुए रसगुल्ले खा रहे हैं तब उसने बच्चों से पूछा ही बच्चे तुम रसगुल्ले कहां से लाए हो तो बच्चों ने कहा कि पापा आप ही तो हमारे लिए लेकर आए हो। बच्चों ने कहा कि आप यह सब लाकर हमें कहने लगी कि मुझे कुछ काम है मैं वापस आता हूं और ऐसा कह कर आप चले गए।लालू ने सोचा मैं तो यहां पर आए भी नहीं हूं मेरी हाथ गाड़ी में दम सही सलामत है और साथ ही साथ मेरी फसल भी सही सलामत है तब डाल दूं ने सोचा कि वह बुड्ढी औरत का ही कुछ ना कुछ चमत्कार है जिस वजह से मेरी हाथ गाड़ी और फसल दोनों का दोनों सही सलामत है। तब लालू अगले दिन वापस अपने हाथ गाड़ी पर अपनी फसल को रखा जैसे वह अपनी फसल को रखने लगा उसकी फसल हाथ का डीपी रखते ही गायब हो गई और हाथ गाड़ी के नीचे से एक प्रश्न निकला उसमें लिखा था कि जैसे तुम अपनी फसल को हाथ गाड़ी पर रखोगे तो वह गायब हो जाएगी और उसे वापस लाने के लिए तुम्हें आबरा का डाबरा बोलना पड़ेगा लालू नहीं सोचा कि यह सब मेरे लिए अच्छा ही है शायद उसे बूढ़ी औरत नहीं किया है क्योंकि ऐसा करने से अपनी फसल को शहर में जाकर अच्छी तरीके से आसानी से भी सकता है।तो लालू रोज-रोज इसी तरीके से अपनी हाथ गाड़ी पर अपनी फसल को रखकर और वह फसल गायब हो जाती थी और उसको शहर में ले जाकर आबरा का डाबरा बोल कर वापस फसल को ले आता था और शहर में उसको बेच देता था।तो रोज रोज लालू अपनी खाली हाथ गाड़ी को शहर की तरफ ले जाता था और आते हुए भी खाली हाथ गाड़ी लेकर आता था तब लालू को ठेकेदार के नौकर ने देख लिया और ठेकेदार का नौकर ठेकेदार के पास गया कि लालू सुबह सुबह खाली हाथ गाड़ी को लेकर जाता है शहर की तरह वह वापस खाली हाथ गाड़ी लेकर आता है तब ठेकेदार ने कहा कि लालू पागल हो गया है जिस वजह से ऐसा कर रहा है लेकिन ठेकेदार के नौकर ने कहा कि शायद सरकार वह पागल नहीं हुआ है इसमें कुछ ना कुछ गड़बड़ है तब ठेकेदार ने कहा कि हम कल सुबह उसका पीछा करते हैं पता चल जाएगा कि आखिर माजरा क्या है अगर लालू इस बार भी शहर जाकर अपनी फसल को बेच कर आ रहा है तो इस बार तो मैं लालू को माही दूंगा ऐसा ठेकेदार ने कहा जब अगले दिन डाल दूं अपने हाथ गाड़ी से लेकर शहर की तरफ गए तब ठेकेदार के आदमियों ने ठेकेदार ने दोनों नहीं लालू का पीछा किया और शहर में ले जाकर जब लालू ने आबरा का डाबरा हाथ गाड़ी से सारा सामान वापस ले आया तब ठेकेदार ने कहा कि शायद मायावी है जादू की जानता है तब ठेकेदार के आदमी की शायद ठेकेदार साहब यह सब शक्ति उसकी हाथ में है तब ठेकेदार ने कहा कि इसकी हाथी को उड़ा दूंगा जैसे ही ठेकेदार आने के लिए जाते हैं और अपनी गाड़ी को स्टार्ट करते हैं उनकी हवा में उड़ जाती है ठेकेदार और उसका आदमी ऐसे सोचता रहता है ठेकेदार देगा तो भी मर जाएंगे ठेकेदार के आदमी ने कहा तो भी मर जाएंगे तो भी मर जाएंगे लेकिन दोनों के दोनों फिर नीचे कूद जाते हैं और यह मर जाते हैं दलालों ने देखा कि खुद के ऊपर से आ गए और कैसे मर गए अपने घर चला जाता है।जैसे कि ठेकेदार और उसके आदमी ने लालू को खूब मारा पीटा था उसी प्रकार उनको उनकी गलती की सजा मिल गई।

शिक्षा

हम इस कहानी से शिक्षा मिलते हैं कि हमें किसी का भी बुरा नहीं करना चाहिए अगर हम किसी का बुरा करेंगे तो भगवान हमारा बुरा करता है।


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