ईमानदार लकड़हारे की कहानी | Kids Story | Kids Story Book

 नमस्कार दोस्तों स्वागत आप हमारी mymirchistatus.xyz के अंदर की नई कहानी के अंदर तो दोस्तों आज मैं आपको एक मजेदार कहानी ईमानदार लकड़हारे की कहानी को आपको इस आर्टिकल में पढ़ने को मिलेगा और जिसको पड़ गया आपको नॉलेज ही मिलेगी और पढ़कर अच्छा भी लगेगा तो दोस्तों आपको इस कहानी को शुरू से लेकर लास्ट तक पढ़ लेना जिससे आपको इस कहानी का पूरा पूरा ज्ञान हो जाए


ईमानदार लकड़हारे की कहानी | Kids Story | Kids Story Book
ईमानदार लकड़हारे की कहानी | Kids Story | Kids Story Book


 एक समय की बात है | गांव से दूर जंगल में एक रामू नाम का लकड़हारा रहता था। वह एक छोटे से घर में रहता था और मेहनत से काम किया करता था फिर भी वह गरीब था | एक दिन वह लकड़ी काटने के लिए जंगल में गया | एक अच्छे पेड़ के खोज में वह काफी जंगल के अंदर गया | जब उसे पेड़ मिल गया वह काम करने लगा |


कुछ समय बाद लकड़हारे के हात से कुल्हाड़ी हात से फिसल कर नदी में गिर गयी | बेचारा रामू यह देखकर रोने लगा | और कहने लगा “मेरे पास केवल वही कुल्हाड़ी थी जिसकी मदत से में गुजारा करता था लेकिन अब वो भी खो गयी अब में अपनी रोजी रोटी कैसे कमाऊ” | रामू उदास बैठा था और अचानक से उसे कुछ सुनाई दिया | देखने पर उस नदी में से एक देवी माँ प्रकट हुयी।


देवी ने कहा “में इस नदी की देवी हु “विश्राम करते समय कोही कुल्हाड़ी मेरे पास गिरी, कहा से गिरी यह देखने के लिए ऊपर तक आयी तो तुम्हे रोते हुए देखा, क्या हुवा मुझे बताओ”


रामू ने अपने आसु पोछे और कहा “देवी माँ जो कुल्हाड़ी गिरी थी वह मेरी ही है | में एक गरीब आदमी हु लकड़ी काटकर पैसे कमाता हु, मेरी कुल्हाड़ी फिसल कर नदी में गिर गयी और अब मेरे पास रोजी रोटी कमाने का कोही साधन नहीं है, अगर आप मेरी कुल्हाड़ी मुझे वापस कर दे तो आपका आभारी रहूँगा | |


देवी तुरंत नदी के भीतर चली गयी और लेकर आयी एक सुनहरी कुल्हाड़ी | देवी ने रामू को कुल्हाड़ी दी परंतु रामू ने कहा की वो उसकी कुल्हाड़ी नहीं है | देवी फिर से नदी के अंदर गयी और इस बार चांदी की कुल्हाड़ी लेकर आ गयी | रामू ने फिर से मना कर दिया और बोला की यह भी उसकी नहीं है।


देवी ने देखा की यह लकड़हारा बहुत ही ईमानदार है | वह फिर से नदी के अंदर चली गयी और इस बार देवी रामू के कुल्हाड़ी को लेकर आ गयी | जब रामू ने अपने कुल्हाड़ी को देखा वह ख़ुशी से झूम उठा | उसने देवी माँ का बहुत धन्यवाद कहा | रामू की सत्यता देखकर देवी माँ ने रामू को सोने और चांदी की दोनों कुल्हाड़ी को उसे दे दिया |


शिक्षा

लकड़हारा तीनो कुल्हाड़ी को ख़ुशी से अपने साथ घर ले गया | इसलिए याद रखना जो भी करो ईमानदारी से करो |

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