Cleaver Fox Kids Story In Hindi

 नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग की नई और मजेदार कहानी के अंदर तो दोस्तों आज किइस पोस्ट के माध्यम से हम आपको चालाक लोमड़ी की कहानी सुनाने जा रहा हूं जी हां दोस्तों चालाक लोमड़ी।


दोस्तों अगर चालाक लोमड़ी की कहानी आपको पसंद आए तो आप अपने दोस्तों के साथ इस कहानी को सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते हो और हमारी इस वेबसाइट को ईमेल द्वारा सब्सक्राइब कर सकते हो जिससे आपको जब अगली पोस्ट पब्लिश होगी तब आपको ईमेल द्वारा नोटिफिकेशन दे दिया जाएगा।


चालाक लोमड़ी



बहुत समय पहले की बात है हीरापुर गांव के नजदीक एक बहुत बड़ा जंगल था। उस जंगल में काफी सारे जानवर आ करते थे। उस जंगल में एक लोमड़ी भी रहा करती थी मैं लोमड़ी काफी चालाक थी। वह जब 1 दिन भूखी थी तब मैं अपने लिए खाना ढूंढ रही थी।वह पूरी जंगल में अकेली इधर उधर भटकने लगी और खाना ढूंढने की तलाश करने लगी जब वह खाना ढूंढ रही थी तो वह से एक जंगली भैंस मिली जो मरी हुई थी। चालाक लोमड़ी ने उस मरी हुई भैंस को देखकर सोचा कि आप तो मुझे अच्छा खाना मिल गया है मैं इस मरी हुई भैंस को 10 दिन तक खा सकती हूं इस वजह से मेरा 10 दिन का जुगाड़ हो गया है लेकिन वह कहती है कि भैंस की मोटी चमड़ी होती है। मैं अकेले इस मोटी चमड़ी को नहीं पढ़ सकती और इसे खा नहीं सकती मुझे किसी की मदद लेनी होगी।


तभी रास्ते में एक शेर आता है और वह शेर लोमड़ी की तरफ से ही गुजर रहा था तब लोमड़ी कहती है कि ओ मेरे राजा आओ अपन दोनों मिलकर इस भैंस को खाते हैं तब शेरखान कहता है कि तुम पागल तो नहीं हो गई हो मैं सिर्फ अपने हाथों से किया हुआ सिखार ही खाता हूं। ऐसा कहकर शेरखान वहां से चला जाता है तब लोमड़ी सोचती हैं कि अब क्या करूं मैं इसे कैसे फाडू तभी रास्ते में एक चीता आता रहता है तब लोमड़ी सोती है कि अगर यह चीता यहां पर आ जाएगा तो यह मुझे इसे नहीं खाने देगा और यह सारी भैंस को अकेला ही खा जाएगा मुझे इसे कैसे भी करके इसी भगाना होगा। तब मैं चीता कहती है कि मैंने सुना है कि यहां पर एक भैंस मर गई है और वह यहीं पर है और वह चीता उसमें उसको देख लेता है तब लोमड़ी को चिता कहता है कि तुम साइड में हो जाओ मुझे इस भैंस को खाना है।


तो लोमड़ी कहती है कि मैं तो साइड में हो जाऊंगी लेकिन यहां खाना शेर खान का शिकार है शेर ने मुझे यहां पर्स की रखवाली के लिए छोड़ा है वह आता ही होगा तब चीता कहता है कि यह शेर खान के शिकार है लोमड़ी कहती है कि जी हां यह शेर खान का शिकार है तब चीता कहता है कि फिर तो मैं इसे नहीं खाऊंगा अगर यह शेर खान का शिकार है तो मैं भूखा रहना ही पसंद करूंगा लेकिन इसे नहीं खाऊंगा और यह कहकर चीता वहां से चला जाता है।


तो वहीं पर एक तेंदुआ भी आता है और उस मरी हुई भैंस को देखता है और तब लोमड़ी को कहता है कि यह भैंस तुमने मारी है तो लोमड़ी शेर हिला देती है तब मैं तेंदुआ कहता कि क्या मैं सिखा सकता हूं तब लोमड़ी कहती है कि यह शेर खान का शिकार है शेर खान ने इसे मारा है मैं तो सिर्फ इस की रखवाली कर रही हूं तब तेंदुआ कहता है कि तो फिर मैं भी नहीं खाऊंगा। लेकिन चालाक लोमड़ी कहती है कि तुम थोड़ा सा इसमें खा लो और मैं शेर खान की रखवाली कर लेता हूं अगर शेर आएगा तो मैं तुम्हें बता दूंगा तब तेंदुए ने उस भैंस को चीर दिया और उसे खाने लगा तब चालाक लोमड़ी ने झूठ में कह दिया कि शेरखान आ गया जल्दी से तुम भाग जाओ मेरे दोस्त तब तेंदुआ वहां से भाग जाता है और मैं चालाक लोमड़ी अकेले ही उस मरी हुई भैंस को खाने लग जाती है।


चालाक लोमड़ी ने उस मरी हुई भैंस को खाने के लिए बड़ी ही चतुराई से अपना दिमाग लगाया है और उसको चीर कर खाने की तकनीक लगाकर उसे खाया है।


शिक्षा

दोस्तों इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि हमें हमेशा चालाकी दिखानी चाहिए हर काम सोच समझ कर करना चाहिए।

Post a Comment

0 Comments